ज़रूरी बातें (Disclaimer)

आख़िरी जाँच: 2 अगस्त 2026

हर पन्ने की तलहटी में एक छोटी पंक्ति है। यह उसका पूरा रूप है — और इसे जान-बूझकर उतने ही बड़े अक्षरों में रखा गया है जितने में बाक़ी साइट है, क्योंकि यह पढ़े जाने के लिए है, छिपाए जाने के लिए नहीं।

यह सरकारी वेबसाइट नहीं है

सैनिक डेस्क का भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय, सेना, सैनिक बोर्ड, सैनिक कल्याण कार्यालय, SPARSH (रक्षा पेंशन का सरकारी portal) या किसी भी सरकारी संस्था से कोई संबंध, मान्यता या अनुबंध नहीं है। नाम में "सैनिक" शब्द पाठक के लिए है, सरकारी दिखने के लिए नहीं — और यह पंक्ति हर पन्ने पर इसीलिए छपी है।

यहाँ के आँकड़े अनुमान हैं, अधिकार नहीं

यह साइट समझाती है कि सार्वजनिक रूप से जारी नियम, परिपत्र और ज्ञापन क्या कहते हैं, और उन्हीं के आधार पर हिसाब लगाती है। पर आपका असली हक़ वही है जो आपके पेंशन भुगतान आदेश (PPO) में लिखा है और जो आपका रिकॉर्ड ऑफ़िस या पेंशन देने वाला दफ़्तर (बैंक या SPARSH) मंज़ूर करता है। यहाँ का कोई आँकड़ा, कोई पन्ना, कोई कैलकुलेटर उस फ़ैसले की जगह नहीं ले सकता।

पुराना पड़ने की ईमानदार चेतावनी

दरें और नियम बदलते रहते हैं। हर पन्ने पर "आख़िरी जाँच" की तारीख़ और हर दर का हवाला (source) इसीलिए छपा है। तारीख़ पुरानी लगे तो मान कर चलिए कि पन्ना भी पुराना हो सकता है — और हमें बताइए

कोई सलाहकार-रिश्ता नहीं

यह साइट सूचना देती है — क़ानूनी, वित्तीय या कर-सलाह नहीं। किसी फ़ैसले से पहले सही सरकारी दफ़्तर या योग्य सलाहकार से बात कीजिए।

बाहरी कड़ियाँ

सरकारी पोर्टलों की कड़ियाँ सुविधा के लिए हैं; उन साइटों की सामग्री पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं। फ़ॉर्म और app हमेशा official site से ही लीजिए।

ग़लती की ज़िम्मेदारी

पूरी कोशिश के बाद भी ग़लती रह सकती है। मिलते ही सुधारना और सार्वजनिक रूप से दर्ज करना हमारी नीति है — पर इस साइट के आधार पर लिए गए फ़ैसले की ज़िम्मेदारी पाठक की अपनी है। इसीलिए हर पन्ना कहता है: अपना मामला अपने रिकॉर्ड ऑफ़िस या पेंशन देने वाले दफ़्तर से पुष्टि करें।