संपादकीय नीति — पन्ने कैसे बनते हैं
पेंशन के आँकड़े में ग़लती किसी के घर का ख़र्च बिगाड़ती है। इसलिए यह पन्ना — जो शायद ही कोई साइट रखती है — यहाँ है: हम कैसे लिखते हैं, यह पूरा तरीक़ा खुला है, ताकि आप जाँच सकें।
हर पन्ने के पाँच नियम
- हर आँकड़े के साथ स्रोत। दर, सीमा या तारीख़ जहाँ भी छपती है, साथ में परिपत्र/ज्ञापन की संख्या और तारीख़ होती है। पन्ना यह नहीं कहता "इतना मिलता है"; वह कहता है "यह परिपत्र कहता है कि इतना मिलता है"। नियम बदल जाए तो पन्ना पुराना कहलाएगा — ग़लत नहीं।
- ढाँचा और आँकड़ा अलग-अलग। नियम कैसे काम करता है (स्थायी बात) पन्ने में लिखा है; बदलती दरें एक ही फ़ाइल rates.json में हैं, जो दिनांकित और सार्वजनिक है। कोई पन्ना कोई दर अपने भीतर छिपाकर नहीं रखता।
- हर पन्ने पर "आख़िरी जाँच" की तारीख़ — छपने की नहीं, आख़िरी बार जाँचे जाने की। पुरानी तारीख़ दिखे तो उस पन्ने पर उतना ही भरोसा कीजिए जितना पुरानी अख़बार की कतरन पर।
- जो नहीं जाँचा गया, वह लिखा नहीं जाता — या साफ़ लिखा जाता है कि सत्यापन बाकी है। अंदाज़े को तथ्य की तरह पेश करना यहाँ मना है।
- अनुमान और अधिकार का फ़र्क़ हर जगह। कैलकुलेटर नियम से बना अनुमान देता है; अधिकार-पत्र केवल PPO (पेंशन भुगतान आदेश) है। यह बात हर कैलकुलेटर के नीचे लिखी है।
नियम बदलता है तो क्या होता है
- rates.json में नई दर, नई तारीख़ और नए परिपत्र का हवाला दर्ज होता है — कैलकुलेटर उसी क्षण से नई दर पर चलते हैं।
- असर वाले पन्ने जाँचे जाते हैं और उनकी "आख़िरी जाँच" तारीख़ बदलती है।
- बदलाव होम पेज की "हाल में क्या बदला" सूची में तारीख़ के साथ दर्ज होता है।
ग़लती मिलने पर क्या होता है
पहले सुधार, फिर स्वीकारोक्ति — सार्वजनिक। हर सुधार सुधार-पन्ने पर तारीख़ के साथ दर्ज होता है: क्या ग़लत था, अब क्या है, और पता किसने बताया (नाम उनकी सहमति से)। ग़लती छिपाना ही वह चीज़ है जो इस विषय में भरोसा ख़त्म करती है।
ग़लती दिखे तो बताइए — यहाँ पढ़ने वालों में हमसे ज़्यादा अनुभवी लोग हैं, और उनकी चिट्ठियाँ इस साइट की सबसे अच्छी जाँच हैं।
जो हम नहीं करते
- सेना की सुरक्षा से जुड़ी कोई जानकारी नहीं; किसी सैन्य ठिकाने या दफ़्तर का पता नहीं — पूरी बात यहाँ।
- डर या जल्दबाज़ी बेचने वाली भाषा नहीं — "तुरंत करें वरना पेंशन रुक जाएगी" यहाँ नहीं छपेगा।
- जो सवाल हमारे बस का नहीं (क़ानूनी विवाद, कर-नियोजन, व्यक्तिगत मामले), उस पर राय नहीं — सही दरवाज़े का रास्ता भर बताएँगे।
ज़रूरी बात
यह नीति ही इस साइट की रीढ़ है; फिर भी हर पन्ने का आख़िरी शब्द वही है — अपना मामला अपने रिकॉर्ड ऑफ़िस या पेंशन देने वाले दफ़्तर से पुष्टि करें।