जीवन प्रमाण पत्र घर बैठे कैसे जमा करें
पेंशन चलती रहे, इसके लिए साल में एक बार यह प्रमाण देना होता है कि पेंशनभोगी जीवित है — यही जीवन प्रमाण पत्र है। पहले इसके लिए बैंक या दफ़्तर की लाइन लगती थी। अब यह घर बैठे, मोबाइल से, चेहरे की पहचान से हो जाता है — Digital Life Certificate (DLC), सरकार की Jeevan Pramaan व्यवस्था से।
नीचे वही तरीक़ा क़दम-दर-क़दम है, उन जगहों के साथ जहाँ लोग सचमुच अटकते हैं।

- 1Last Identification Date: पिछली accepted identification की तारीख।
- 2Identification Due on: इस तारीख तक अगली identification पूरी करें; केवल SMS reminder पर निर्भर न रहें।
- 3Perform Life Certificate/Identification: SPARSH (रक्षा पेंशन का सरकारी portal) का MLC/DLC workflow शुरू करता है। पूरा करने को तैयार हों तभी दबाएँ।
- 1Download: approved software/app की official जानकारी यहीं देखें।
- 2Guidelines: device और face-authentication की current instructions शुरू करने से पहले पढ़ें।
- 3Pensioner Login: pensioner-facing certificate service official page से ही खोलें, SMS link से नहीं।
- ☐ आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर — OTP इसी पर आएगा; जुड़ा नहीं है तो पहले आधार केंद्र से जुड़वाइए
- ☐ PPO (पेंशन भुगतान आदेश) संख्या — पेंशन भुगतान आदेश पर लिखी
- ☐ पेंशन वाले बैंक खाते की संख्या
- ☐ Android फ़ोन जिसमें ठीक-ठाक कैमरा हो, और इंटरनेट
- 1 काग़ज़ तैयार आधार से जुड़ा मोबाइल, PPO संख्या, बैंक खाता
- 2 दो app, इसी क्रम में पहले AadhaarFaceRD, फिर Jeevan Pramaan
- 3 ब्योरा भरिए आधार, मोबाइल, PPO संख्या, पेंशन देने वाला दफ़्तर
- 4 चेहरे की जाँच चेहरे पर अच्छी रोशनी, कहने पर पलक झपकाइए
- 5 Pramaan ID आ गई लिख लीजिए — जमा होने का यही सबूत है
यह पूरे काम की झलक है — app की अपनी screens समय-समय पर बदलती हैं, इसलिए ब्योरे के लिए नीचे लिखे क़दम ही देखिए।
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दो app डालिए — क्रम ज़रूरी है
Google Play Store से, इसी क्रम में:
- AadhaarFaceRD — बनाने वाला Unique Identification Authority of India (UIDAI) हो, यह जाँचिए
- Jeevan Pramaan — बनाने वाला NIC (National Informatics Centre) हो
⚠ यहाँ अक्सर अटकता है मिलते-जुलते नाम के नक़ली app भी दिखते हैं। बनाने वाले का नाम पढ़कर ही डालिए। और AadhaarFaceRD डालने के बाद वह खुलेगा नहीं — उसका कोई अपना परदा नहीं होता। वह पीछे से काम करता है; उसे खोलने की कोशिश में मत उलझिए।
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Jeevan Pramaan खोलकर पहले "ऑपरेटर" की पहचान कीजिए
क्या दिखेगा: app पहले उस व्यक्ति का आधार माँगेगा जो फ़ोन चला रहा है — इसे Operator कहा गया है। पेंशनभोगी ख़ुद कर रहे हैं तो ऑपरेटर भी वही हैं; बेटा-बेटी मदद कर रहे हैं तो ऑपरेटर वे हो सकते हैं।
क्या भरना है: आधार संख्या, मोबाइल, OTP — फिर चेहरे की एक जाँच।
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अब पेंशनभोगी का ब्योरा भरिए
क्या भरना है: पेंशनभोगी का आधार और मोबाइल, OTP, फिर पेंशन का ब्योरा — किस मंत्रालय से (रक्षा), वितरण करने वाली संस्था, PPO संख्या, खाता संख्या।
⚠ यहाँ अक्सर अटकता है वितरण-संस्था की सूची में ग़लत विकल्प चुनने पर प्रमाण पत्र बनकर भी पेंशन-प्रणाली तक नहीं पहुँचता। SPARSH से पेंशन पाने वाले रक्षा पेंशनभोगी वही विकल्प चुनें जिसमें SPARSH / रक्षा लेखा (PCDA) लिखा हो। शक हो तो अपनी पेंशन-पर्ची में देखिए कि पेंशन देने वाला दफ़्तर कौन लिखा है।
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चेहरे की पहचान — रोशनी सामने से
क्या दिखेगा: कैमरा खुलेगा, गोल घेरे में चेहरा रखने को कहेगा, और पलक झपकाने को कहेगा — फोटो नहीं, जीवित चेहरा जाँचा जा रहा है।
⚠ यहाँ अक्सर अटकता है पीठ के पीछे खिड़की या बल्ब हो तो चेहरा अँधेरे में चला जाता है और जाँच बार-बार विफल होती है। रोशनी की ओर मुँह करके बैठिए, चश्मा उतार दीजिए, और फ़ोन आँखों की सीध में रखिए।
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हो गया — प्रमाण संख्या सँभालिए
क्या मिलेगा: SMS पर Pramaan ID आएगी। यही आपकी रसीद है। प्रमाण पत्र की PDF jeevanpramaan.gov.in से कभी भी उतारी जा सकती है। रक्षा पेंशनभोगियों का प्रमाण SPARSH तक अपने आप पहुँचता है — अलग से कुछ जमा नहीं करना।
अगर यह काम न करे
- OTP नहीं आ रहा — मोबाइल आधार से जुड़ा नहीं है। यह app से नहीं सुधरेगा; आधार सेवा केंद्र जाकर नंबर जुड़वाना ही रास्ता है।
- चेहरे की जाँच बार-बार विफल — रोशनी सामने से कीजिए; दोनों app Play Store से अद्यतन कीजिए; फ़ोन एक बार बंद-चालू कीजिए।
- फ़ोन साथ नहीं देता — दो और रास्ते हैं, दोनों वैध: नज़दीकी जन सेवा केंद्र (CSC) यही काम शुल्क लेकर कर देता है, और कई बैंक घर आकर (doorstep) जीवन प्रमाण बनाते हैं — अपनी शाखा से पूछिए।
- प्रमाण बन गया पर पेंशन फिर भी रुकी — Pramaan ID लेकर अपने पेंशन देने वाले दफ़्तर/बैंक से लिखित में पूछिए कि प्रमाण उनके रिकॉर्ड में पहुँचा या नहीं। ज़्यादातर मामलों में चरण 3 की ग़लत वितरण-संस्था ही वजह निकलती है।
आगे क्या होता है
प्रमाण स्वीकार होते ही पेंशन बिना रुके चलती रहती है — अलग से कोई काग़ज़, कोई चक्कर नहीं। अगले वर्ष फिर यही करना है; app वही रहेगा, ब्योरा याद रहेगा, और दूसरी बार यह काम दस मिनट का है।
सवाल-जवाब
यह कब जमा करना होता है?
साल में एक बार। अपना तय महीना अपने पेंशन देने वाले दफ़्तर से पुष्टि कीजिए और महीना याद रखिए — रुकने के बाद भागदौड़ से बेहतर है समय से दस मिनट।
क्या पत्नी/परिवार पेंशनभोगी की जगह चेहरा दिखा सकते हैं?
नहीं। जिसकी पेंशन है, चेहरा उसी का जाँचा जाता है — यही तो प्रमाण है। हाँ, फ़ोन कोई भी चला सकता है (चरण 2 का "ऑपरेटर")।
iPhone पर हो जाएगा?
यह व्यवस्था Android के लिए बनी है। घर में कोई भी Android फ़ोन चलेगा — ऑपरेटर वाला रास्ता इसी के लिए है।
यह जानकारी कहाँ से ली गई
- jeevanpramaan.gov.in — डिजिटल जीवन प्रमाण की आधिकारिक साइट (तरीक़ा और app वहीं से)
- sparsh.defencepension.gov.in — रक्षा पेंशन का आधिकारिक पोर्टल
- इस पन्ने के क़दम असली प्रक्रिया से मिलाकर लिखे गए हैं; परदे बदलते रहते हैं, इसलिए हर वार्षिक चक्र से पहले इनकी दोबारा जाँच होती है — तारीख़ ऊपर लिखी है।
ज़रूरी बात
यह पन्ना सरकारी तरीक़ा समझाता है; यह सरकारी वेबसाइट नहीं है। app और फ़ॉर्म हमेशा official site से ही लीजिए। अपना मामला अपने पेंशन देने वाले दफ़्तर से पुष्टि करें।
इस पन्ने में कोई ग़लती दिखी? बताइए — सुधार सार्वजनिक रूप से दर्ज होता है।